ज्ञान संग्रह
मंत्र
देवता के अनुसार नाम-मंत्र और प्रार्थनाएँ—चित्र, मूल पाठ, सरल अर्थ और पढ़ने की सहायता के साथ।
बृहस्पति — ग्रह नाम-मंत्र
बृहस्पति को गुरु नाम से भी स्मरण किया जाता है। पीत वस्त्र, जपमाला और आचार्य का रूप इस चित्र में उनकी पहचान हैं।
विवरण देखें →
शुक्र — ग्रह नाम-मंत्र
शुक्र ग्रह-देवता का नाम-स्मरण। श्वेत वस्त्र और आचार्य के रूप में उनका सांकेतिक चित्र पाठ के विषय को स्पष्ट करता है।
विवरण देखें →
शनि — ग्रह नाम-मंत्र
शनैश्चर शनि का पारंपरिक नाम है। गहरे वस्त्र और कौए के साथ चित्र में शनि देव का रूप दिखाया गया है।
विवरण देखें →
राहु — ग्रह नाम-मंत्र
राहु ग्रहण-संबंधी कथाओं से जुड़े ग्रह-देवता हैं। चित्र में मुकुटधारी सिर और नाग का रूप उनकी सांकेतिक पहचान दर्शाता है।
विवरण देखें →
केतु — ग्रह नाम-मंत्र
केतु का नाम-जप ग्रह-पूजा की परंपरा से जुड़ा है। चित्र में सर्पाकार अधोभाग के साथ केतु का सांकेतिक रूप दिखता है।
विवरण देखें →
गायत्री मंत्र — मूल पाठ और भावार्थ
सवितृ के प्रकाश और बुद्धि की प्रेरणा की प्रार्थना। गायत्री के इस प्रचलित पाठ में ॐ और व्याहृतियाँ आरंभ में दी गई हैं।
विवरण देखें →
महामृत्युंजय मंत्र — मूल पाठ और भावार्थ
त्र्यंबक के स्मरण का प्रचलित वैदिक मंत्र। उसके बंधन और मुक्ति के रूपक को अर्थ सहित समझें।
विवरण देखें →
गणेश गायत्री — मूल पाठ और भावार्थ
एकदंत और वक्रतुंड गणेश का ध्यान और प्रेरणा की प्रार्थना। गणपति अथर्वशीर्ष में मिलने वाला छोटा पाठ पढ़ें।
विवरण देखें →
हरे कृष्ण महामंत्र — नाम-संकीर्तन
हरे, कृष्ण और राम के नामों का प्रचलित संकीर्तन। धीमे पढ़ने या अपनी परंपरा में गाने के लिए मूल पाठ देखें।
विवरण देखें →
गुरु ब्रह्मा प्रार्थना — मूल पाठ और भावार्थ
गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर के रूपक से प्रणाम करने की प्रचलित प्रार्थना। चित्र में त्रिमूर्ति इन नामों को समझने म…
विवरण देखें →
ॐ नमः शिवाय — शिव नाम-जप
नमः शिवाय के पाँच अक्षरों से जुड़ा शिव-स्मरण। यहाँ प्रचलित ॐ सहित रूप और उसका सरल भाव दिया गया है।
विवरण देखें →
शांति प्रार्थनाएँ — 4 छोटे पाठ
असतो मा, सह नाववतु, पूर्णमदः और सर्वे भवन्तु सुखिनः के छोटे पाठ तथा सरल भाव। ये सार्वभौमिक प्रार्थनाएँ किसी एक देवता की…
विवरण देखें →