पाठ का परिचय
हरे, कृष्ण और राम के नामों का प्रचलित संकीर्तन। धीमे पढ़ने या अपनी परंपरा में गाने के लिए मूल पाठ देखें।
यह नाम-संकीर्तन का संग्रह है। नीचे मूल पाठ के साथ सरल भावार्थ दिया गया है। भावार्थ शब्दशः अनुवाद का विकल्प नहीं है; पाठ-परंपरा में भेद मिल सकते हैं।
इस पेज पर कृष्ण-प्रथम प्रचलित क्रम है। कुछ पाठ-परंपराओं में राम-प्रथम क्रम भी मिलता है।
मूल पाठ और सरल अर्थ
1. हरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ॥
रोमन लिपि: hare kṛṣṇa hare kṛṣṇa kṛṣṇa kṛṣṇa hare hare .
hare rāma hare rāma rāma rāma hare hare .
सरल भावार्थ: कृष्ण, राम और हरि के नामों के स्मरण द्वारा भगवान का बार-बार आह्वान। अलग परंपराओं में हरे शब्द का भक्तिपरक अर्थ भिन्न ढंग से समझाया जाता है।
पढ़ने और जप का तरीका
- पहले पूरा पाठ धीरे पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। एक नाम या एक प्रार्थना से शुरुआत कर सकते हैं।
- आराम से बैठें और सहज गति रखें। गिनती से अधिक स्पष्ट, ध्यानपूर्वक पढ़ने पर ध्यान दें। किसी संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
- रोमन लिपि पढ़ने में सहायता है; वह वैदिक स्वर या गुरु से सीखे उच्चारण का विकल्प नहीं है। औपचारिक अनुष्ठान में अपनी परंपरा का मार्गदर्शन लें।
- चित्र संबंधित देवता की सांकेतिक कलात्मक प्रस्तुति है। पाठ पढ़ते समय नाम और चित्र का संबंध समझें।
पाठ-संदर्भ
संस्कृत मूल पाठ का संदर्भ देखें
नामावली से चुने नाम और छोटे पारंपरिक पाठ दिए गए हैं। ऊपर का भावार्थ और पढ़ने की सहायता इस संग्रह के लिए लिखे गए हैं।