पाठ का परिचय
कात्यायनी नाम से देवी की आराधना। सिंह, कमल, तलवार और अभय-भाव इस रूप के पारंपरिक चित्रण में दिखाई देते हैं।
यह नाम-मंत्र का संग्रह है। नीचे मूल पाठ के साथ सरल भावार्थ दिया गया है। भावार्थ शब्दशः अनुवाद का विकल्प नहीं है; पाठ-परंपरा में भेद मिल सकते हैं।
यह नवदुर्गा के नाम पर आधारित सरल नाम-नमस्कार है। संदर्भ में देवी के नाम और रूप देखें; इसे किसी विशिष्ट बीज-मंत्र या दीक्षा-विधि का पूरा पाठ न मानें।
मूल पाठ और सरल अर्थ
1. कात्यायन्यै
ॐ कात्यायन्यै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ kātyāyanyai namaḥ .
सरल भावार्थ: कात्यायनी देवी को आदरपूर्वक प्रणाम।
पढ़ने और जप का तरीका
- पहले पूरा पाठ धीरे पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। एक नाम या एक प्रार्थना से शुरुआत कर सकते हैं।
- आराम से बैठें और सहज गति रखें। गिनती से अधिक स्पष्ट, ध्यानपूर्वक पढ़ने पर ध्यान दें। किसी संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
- रोमन लिपि पढ़ने में सहायता है; वह वैदिक स्वर या गुरु से सीखे उच्चारण का विकल्प नहीं है। औपचारिक अनुष्ठान में अपनी परंपरा का मार्गदर्शन लें।
- चित्र संबंधित देवता की सांकेतिक कलात्मक प्रस्तुति है। पाठ पढ़ते समय नाम और चित्र का संबंध समझें।
पाठ-संदर्भ
संस्कृत मूल पाठ का संदर्भ देखें
नामावली से चुने नाम और छोटे पारंपरिक पाठ दिए गए हैं। ऊपर का भावार्थ और पढ़ने की सहायता इस संग्रह के लिए लिखे गए हैं।