पाठ का परिचय
गणेश के सुमुख, एकदंत और गजानन जैसे 16 नामों का पाठ और सरल परिचय। प्रत्येक नाम गणेश के किसी रूप या विशेषता का स्मरण कराता है।
यह नाम-मंत्र का संग्रह है। नीचे मूल पाठ के साथ सरल भावार्थ दिया गया है। भावार्थ शब्दशः अनुवाद का विकल्प नहीं है; पाठ-परंपरा में भेद मिल सकते हैं।
मूल पाठ और सरल अर्थ
1. सुमुखाय
ॐ सुमुखाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ sumukhāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह सुंदर मुख वाले गणेश को प्रणाम है।
2. एकदन्ताय
ॐ एकदन्ताय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ ekadantāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह एक दाँत वाले गणेश को प्रणाम है।
3. कपिलाय
ॐ कपिलाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ kapilāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह कपिल अर्थात ताम्रवर्ण वाले गणेश को प्रणाम है।
4. गजकर्णकाय
ॐ गजकर्णकाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ gajakarṇakāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह हाथी जैसे कान वाले गणेश को प्रणाम है।
5. लम्बोदराय
ॐ लम्बोदराय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ lambodarāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह विशाल उदर वाले गणेश को प्रणाम है।
6. विकटाय
ॐ विकटाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ vikaṭāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह अद्भुत रूप वाले गणेश को प्रणाम है।
7. विघ्नराजाय
ॐ विघ्नराजाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ vighnarājāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह विघ्नों के अधिपति रूप में गणेश को प्रणाम है।
8. विनायकाय
ॐ विनायकाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ vināyakāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह विनायक नाम से पूजित गणेश को प्रणाम है।
9. धूमकेतवे
ॐ धूमकेतवे नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ dhūmaketave namaḥ .
सरल भावार्थ: यह धूमकेतु नाम वाले गणेश को प्रणाम है।
10. गणाध्यक्षाय
ॐ गणाध्यक्षाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ gaṇādhyakṣāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह गणों के अध्यक्ष गणेश को प्रणाम है।
11. भालचन्द्राय
ॐ भालचन्द्राय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ bhālacandrāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले गणेश को प्रणाम है।
12. गजाननाय
ॐ गजाननाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ gajānanāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह हाथी का मुख वाले गणेश को प्रणाम है।
13. वक्रतुण्डाय
ॐ वक्रतुण्डाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ vakratuṇḍāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह वक्र सूँड़ वाले गणेश को प्रणाम है।
14. शूर्पकर्णाय
ॐ शूर्पकर्णाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ śūrpakarṇāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह सूप जैसे बड़े कान वाले गणेश को प्रणाम है।
15. हेरम्बाय
ॐ हेरम्बाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ herambāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह हेरंब नाम से पूजित गणेश को प्रणाम है।
16. स्कन्दपूर्वजाय
ॐ स्कन्दपूर्वजाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ skandapūrvajāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह स्कंद के अग्रज गणेश को प्रणाम है।
पढ़ने और जप का तरीका
- पहले पूरा पाठ धीरे पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। एक नाम या एक प्रार्थना से शुरुआत कर सकते हैं।
- आराम से बैठें और सहज गति रखें। गिनती से अधिक स्पष्ट, ध्यानपूर्वक पढ़ने पर ध्यान दें। किसी संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
- रोमन लिपि पढ़ने में सहायता है; वह वैदिक स्वर या गुरु से सीखे उच्चारण का विकल्प नहीं है। औपचारिक अनुष्ठान में अपनी परंपरा का मार्गदर्शन लें।
- चित्र संबंधित देवता की सांकेतिक कलात्मक प्रस्तुति है। पाठ पढ़ते समय नाम और चित्र का संबंध समझें।
पाठ-संदर्भ
संस्कृत मूल पाठ का संदर्भ देखें
नामावली से चुने नाम और छोटे पारंपरिक पाठ दिए गए हैं। ऊपर का भावार्थ और पढ़ने की सहायता इस संग्रह के लिए लिखे गए हैं।