पाठ का परिचय
आंजनेय, महावीर, रामदूत और रामभक्त के नामों से हनुमान के साहस, सेवा और भक्ति का स्मरण। यह चुना हुआ नाम-जप संग्रह है।
यह नाम-मंत्र का संग्रह है। नीचे मूल पाठ के साथ सरल भावार्थ दिया गया है। भावार्थ शब्दशः अनुवाद का विकल्प नहीं है; पाठ-परंपरा में भेद मिल सकते हैं।
मूल पाठ और सरल अर्थ
1. आञ्जनेयाय
ॐ आञ्जनेयाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ āñjaneyāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह अंजना के पुत्र हनुमान को प्रणाम है।
2. महावीराय
ॐ महावीराय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ mahāvīrāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह महावीर रूप हनुमान को प्रणाम है।
3. हनूमते
ॐ हनूमते नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ hanūmate namaḥ .
सरल भावार्थ: यह हनुमान को प्रणाम है।
4. मारुतात्मजाय
ॐ मारुतात्मजाय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ mārutātmajāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह मारुत के पुत्र हनुमान को प्रणाम है।
5. रामदूताय
ॐ रामदूताय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ rāmadūtāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह राम के दूत हनुमान को प्रणाम है।
6. केसरीसूनवे
ॐ केसरीसूनवे नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ kesarīsūnave namaḥ .
सरल भावार्थ: यह केसरी के पुत्र हनुमान को प्रणाम है।
7. रामभक्ताय
ॐ रामभक्ताय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ rāmabhaktāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह राम के भक्त हनुमान को प्रणाम है।
8. धीराय
ॐ धीराय नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ dhīrāya namaḥ .
सरल भावार्थ: यह धीर और स्थिर हनुमान को प्रणाम है।
पढ़ने और जप का तरीका
- पहले पूरा पाठ धीरे पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। एक नाम या एक प्रार्थना से शुरुआत कर सकते हैं।
- आराम से बैठें और सहज गति रखें। गिनती से अधिक स्पष्ट, ध्यानपूर्वक पढ़ने पर ध्यान दें। किसी संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
- रोमन लिपि पढ़ने में सहायता है; वह वैदिक स्वर या गुरु से सीखे उच्चारण का विकल्प नहीं है। औपचारिक अनुष्ठान में अपनी परंपरा का मार्गदर्शन लें।
- चित्र संबंधित देवता की सांकेतिक कलात्मक प्रस्तुति है। पाठ पढ़ते समय नाम और चित्र का संबंध समझें।
पाठ-संदर्भ
संस्कृत मूल पाठ का संदर्भ देखें
नामावली से चुने नाम और छोटे पारंपरिक पाठ दिए गए हैं। ऊपर का भावार्थ और पढ़ने की सहायता इस संग्रह के लिए लिखे गए हैं।