पाठ का परिचय
दुर्गा, भवानी, आर्या और नारायणी के नामों से देवी की आराधना का सरल परिचय। नामावली के चुने हुए नौ नाम अर्थ सहित पढ़ें।
यह नाम-मंत्र का संग्रह है। नीचे मूल पाठ के साथ सरल भावार्थ दिया गया है। भावार्थ शब्दशः अनुवाद का विकल्प नहीं है; पाठ-परंपरा में भेद मिल सकते हैं।
मूल पाठ और सरल अर्थ
1. दुर्गायै
ॐ दुर्गायै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ durgāyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह दुर्गा रूप देवी को प्रणाम है।
2. भवान्यै
ॐ भवान्यै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ bhavānyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह भवानी रूप देवी को प्रणाम है।
3. आर्यायै
ॐ आर्यायै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ āryāyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह पूजनीय आर्या देवी को प्रणाम है।
4. जयायै
ॐ जयायै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ jayāyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह विजय के प्रतीक जया रूप देवी को प्रणाम है।
5. आद्यायै
ॐ आद्यायै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ ādyāyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह आदि शक्ति के रूप में देवी को प्रणाम है।
6. त्रिनेत्रायै
ॐ त्रिनेत्रायै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ trinetrāyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह तीन नेत्रों वाले देवी रूप को प्रणाम है।
7. शूलधारिण्यै
ॐ शूलधारिण्यै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ śūladhāriṇyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह त्रिशूल धारण करने वाली देवी को प्रणाम है।
8. नारायण्यै
ॐ नारायण्यै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ nārāyaṇyai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह नारायणी रूप देवी को प्रणाम है।
9. परमेश्वर्यै
ॐ परमेश्वर्यै नमः ।
रोमन लिपि: Oṃ parameśvaryai namaḥ .
सरल भावार्थ: यह परम ईश्वरी रूप देवी को प्रणाम है।
पढ़ने और जप का तरीका
- पहले पूरा पाठ धीरे पढ़ें और उसके अर्थ को समझें। एक नाम या एक प्रार्थना से शुरुआत कर सकते हैं।
- आराम से बैठें और सहज गति रखें। गिनती से अधिक स्पष्ट, ध्यानपूर्वक पढ़ने पर ध्यान दें। किसी संख्या को सभी के लिए अनिवार्य नियम न मानें।
- रोमन लिपि पढ़ने में सहायता है; वह वैदिक स्वर या गुरु से सीखे उच्चारण का विकल्प नहीं है। औपचारिक अनुष्ठान में अपनी परंपरा का मार्गदर्शन लें।
- चित्र संबंधित देवता की सांकेतिक कलात्मक प्रस्तुति है। पाठ पढ़ते समय नाम और चित्र का संबंध समझें।
पाठ-संदर्भ
संस्कृत मूल पाठ का संदर्भ देखें
नामावली से चुने नाम और छोटे पारंपरिक पाठ दिए गए हैं। ऊपर का भावार्थ और पढ़ने की सहायता इस संग्रह के लिए लिखे गए हैं।