यह मार्गदर्शिका पूजा कक्ष का वास्तु: विस्तृत व्यवस्था को रोजमर्रा के उपयोग के साथ समझाती है। चित्र और diagram व्यवस्था समझाने के उदाहरण हैं; वे आपके कमरे के वास्तविक आकार का निर्माण-नक्शा नहीं हैं। पहले मौजूदा जगह को देखें, फिर अपने budget और जरूरत के अनुसार छोटे बदलाव चुनें।
परंपरा और दिशा
कई वास्तु परंपराओं में ईशान, यानी उत्तर-पूर्व, को पूजा स्थान की पसंद बताया जाता है। यह पारंपरिक मान्यता है। छोटे flat में उपलब्ध साफ, शांत और सुविधाजनक जगह को भी परिवार की परंपरा के साथ विचार में लें।
स्थान और परिवार की जरूरत
पूजा के समय कौन बैठता है, कितनी जगह चाहिए और परिवार की परंपरा क्या है, पहले लिखें। शांत हिस्सा चुनें जहां दरवाजा या दूसरे कमरे की आवाजाही लगातार बाधा न बने। अलग कमरा न हो तो साफ, व्यवस्थित shelf और छोटी बैठने की जगह भी उपयोग में आ सकती है।
आसन और पूजा सामग्री
बैठने से पहले floor, आसन और घुटनों की सुविधा देखें। बुजुर्ग व्यक्ति को chair की जरूरत हो तो उसे व्यवस्था में सम्मानपूर्वक शामिल करें। बार-बार इस्तेमाल होने वाली सामग्री सुविधाजनक पहुंच में और बाकी सामान बंद storage में रखें।
दीपक की जगह
दीपक को स्थिर, ताप सहने वाली अलग tray पर रखें। पर्दा, आसन, फूलों की सूखी सजावट और कागज उससे दूर रहें। किसी जलती लौ को अकेला छोड़ना व्यवस्था का हिस्सा न बनाएं; लौ का उपयोग न करना हो तो प्रार्थना का साधारण विकल्प चुन सकते हैं।
सफाई, हवा और बदलाव
फूल, तेल और पानी इस्तेमाल होने के बाद सफाई का छोटा routine रखें। धूप के धुएं से किसी को परेशानी हो तो उसके बिना प्रार्थना की जा सकती है। shelf, wiring या दीवार बदलने से पहले उसकी fixing और वास्तविक सुरक्षित उपयोग जाँचें।
एक-एक बात की checklist
- दरवाजे और सामान्य रास्ते पूरे खुल रहे हैं।
- उपयोग के लिए पर्याप्त रोशनी और जरूरत की जगह है।
- भारी furniture, fittings और तारों की स्थिति जाँची है।
- छोटे बदलाव कुछ दिन आजमाकर परिवार या कर्मचारी से प्रतिक्रिया ली है।
- दीवार, बिजली, गैस या पानी का बड़ा बदलाव विशेषज्ञ से जाँचवाया है।
छोटी शुरुआत और समीक्षा
पहले फोटो या सरल नक्शे में समस्या वाली जगह चिन्हित करें। एक बार में एक छोटा बदलाव करें, फिर कुछ दिन उपयोग में उसका असर देखें। रास्ता, सफाई या काम आसान होने पर आगे की योजना बनाएं। केवल डर या किसी निश्चित परिणाम के वादे के आधार पर महंगी तोड़फोड़ न कराएं।