गणना कैसे होती है
पूरी जन्म तिथि के अंक गिने जाते हैं; शून्य शामिल नहीं होता। क्रम 4–9–2 / 3–5–7 / 8–1–6 है। इस विधि में मूलांक या भाग्यांक ग्रिड में अलग से नहीं जोड़े जाते।
अंक ज्योतिष पारंपरिक व्याख्या है, भविष्य की संभावना या प्रमाण नहीं। अनुपस्थित अंक स्वास्थ्य, चरित्र या भाग्य का निदान नहीं करते।